साहित्य सुमन : सृजन, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का सशक्त मंच

साहित्य सुमन 

सृजन, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का सशक्त मंच

प्रमिला त्रिवेदी की उपलब्धि पर परिष्कृत अभिव्यक्ति

साहित्य सुमन केवल एक साहित्यिक मंच नहीं, बल्कि संवेदनशीलता, रचनात्मकता और मानवीय मूल्यों से परिपूर्ण एक सशक्त साहित्यिक उद्यान है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह केवल साहित्य-सृजन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समाज के प्रति अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन भी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ करता है।

इस मंच से जुड़े साहित्यकार अपनी लेखनी के माध्यम से सामाजिक सरोकारों, मानवीय मूल्यों तथा सकारात्मक चिंतन को अभिव्यक्ति प्रदान करते हैं। उनकी रचनाएँ न केवल साहित्य को समृद्ध करती हैं, बल्कि समाज को सार्थक दिशा देने का कार्य भी करती हैं।

इस सृजनशील यात्रा में डॉ. अनुराधा प्रसाद जी का मार्गदर्शन अत्यंत प्रेरणादायक और सहयोगपूर्ण रहा है। उनके स्नेहिल निर्देशन में रचनाकारों को समय-समय पर आवश्यक प्रोत्साहन और सहयोग प्राप्त होता रहता है। उनका दृढ़ विश्वास है कि यह साहित्यिक यात्रा निरंतर विकास की ओर अग्रसर रहेगी और आने वाले समय में नई ऊँचाइयों को स्पर्श करेगी।

निस्संदेह, साहित्य सुमन भविष्य में साहित्यिक एवं सामाजिक क्षेत्र में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका को और अधिक प्रभावशाली ढंग से निभाएगा। इस मंच से जुड़कर मैं स्वयं अत्यंत प्रसन्न एवं प्रभावित हूँ। विशेष हर्ष का विषय यह है कि मेरी पुस्तक “स्वरागिनी” में मेरी पाँच रचनाओं को स्थान प्रदान किया गया, जिसके लिए मैं हृदय से आभार व्यक्त करती हूँ।

आदरणीया डॉ. अनुराधा प्रसाद जी के प्रति मैं अपनी हार्दिक कृतज्ञता और धन्यवाद ज्ञापित करती हूँ। उनका स्नेह, मार्गदर्शन और विश्वास सदैव प्रेरणा देता रहेगा।




सृजक

प्रमिला त्रिवेदी 

स्थानीय सम्पादिका 

उलझन सुलझन (महिला प्रकोष्ठ)

बेंगलुरु

पाठ्य उन्नयन और विस्तार व प्रस्तुति 







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