हृदयस्पर्शी छोटी-सी घटना

हृदयस्पर्शी छोटी-सी घटना

कुछ साल पहले की बात है मेरठ स्थित बाबा औघड़नाथ मंदिर के सामने एक घटना हुई जो आज भी यदि याद करता हूँ तो सुकून मिलता है कि समाज में अच्छे लोग सदा से थे, हैं और सदा रहेंगे। 

मंदिर के मुख्य द्वार के सामने सदर की ओर से आने वाली सड़क पर एक कार कंकरखेड़ा की ओर जाने वाली सड़क पर धीमी गति से मुड़ी। मुड़ते ही तेज गति से साइकिल पर आ रहा 16-17 वर्ष का एक किशोर सीधे कार से टकराया और सड़क पर जा गिरा उसने तुरंत उठकर भागने की कोशिश की, किंतु तभी कार ड्राइव कर रहे एक सैन्य अधिकारी बाहर निकले। उन्होंने उस किशोर को रोका और गाड़ी को देखा जिसका बंपर टूट चुका था, लड़का घबराया और बोला सर गलती हो गई। सैन्य अधिकारी ने अत्यंत दुलार से पूछा तुम्हें कहीं चोट तो नहीं आई। लड़के ने कहा 'नहीं' लेकिन सर आपका बंपर टूट गया है। अधिकारी बोले "दैट'स ओके" और अपनी कार में बैठकर चले गए।

यह वाकया मेरे सामने बामुश्किल एक मिनट में हो गया।

मैं सोचता ही रह गया कि इस अधिकारी ने बात को तूल न देकर "दैट'स ओके" कहकर संभावित विवाद को तुरंत निपटा दिया और अपनी ड्यूटी पर चले गए। अक्सर हम देखते हैं कि सड़क पर ऐसी ही छोटी-छोटी घटनाएं विवाद का रूप ले लेती हैं और कई बार तो मामला हिंसक हो जाता है। यदि प्रत्येक व्यक्ति उस सैन्य अधिकारी जैसी ही बुद्धिमत्ता से काम ले और यह समझ ले कि सड़कों पर घटनाएं दुर्घटनाएं और नुकसान सामान्यतया होता रहता है तथा सड़कें यातायात के लिए हैं विवाद के लिए नहीं तो अखबारों में रोज-रोज प्रकाशित होने वाली रोडरेज की घटनाओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।

दोनों चित्र कृत्रिम बुद्धिमता से निर्मित हैं। ये वास्तविक नहीं हैं।

सूचना स्रोत 

श्री संगीत शर्मा जी

शुभचिंतक

उलझन सुलझन 

पाठ्य उन्नयन और विस्तार व प्रस्तुति 








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