गुरु पूर्णिमा पर विशेष
गुरु पूर्णिमा पर विशेष
गुरु केवल ज्ञान देने वाला व्यक्ति नहीं होता, वह जीवन को सही दिशा देने वाला प्रकाश होता है। जिस प्रकार दीपक स्वयं जलकर दूसरों का मार्ग प्रकाशित करता है, उसी प्रकार गुरु अपने अनुभव, तप और ज्ञान से शिष्य के जीवन का अंधकार दूर करता है।
गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि कृतज्ञता का उत्सव है। यह वह पावन अवसर है जब हम अपने गुरुजनों के प्रति श्रद्धा, सम्मान और आभार व्यक्त करते हैं। माता-पिता हमें जीवन देते हैं, लेकिन गुरु उस जीवन को उद्देश्य देते हैं। वे हमें केवल अक्षर ज्ञान ही नहीं, बल्कि सत्य, सदाचार, धैर्य, विनम्रता और मानवता का भी पाठ पढ़ाते हैं।
आज के समय में जब भौतिकता का आकर्षण बढ़ता जा रहा है, तब गुरु का महत्व और भी बढ़ जाता है। सच्चा गुरु हमें बाहरी सफलता के साथ-साथ आत्मिक उन्नति का मार्ग भी दिखाता है। वह हमें स्वयं से परिचित कराता है और जीवन के हर संघर्ष में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
आइए, इस गुरु पूर्णिमा पर हम अपने सभी गुरुजनों को श्रद्धापूर्वक नमन करें और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लें। यही उनके प्रति हमारी सच्ची गुरुदक्षिणा होगी।
गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः।
गुरुः साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः॥
— प्रमिला त्रिवेदी
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