मधुर अनुराग

मधुर अनुराग

भूमिका

मनुष्य के जीवन में कुछ संबंध ऐसे होते हैं जो केवल साथ भर नहीं देते, बल्कि जीवन की दिशा और दृष्टि भी बदल देते हैं। किसी के प्रति सच्चा अनुराग जब हृदय में घर कर लेता है, तब उसकी उपस्थिति ही नहीं, उसकी स्मृतियाँ भी जीवन में प्रकाश भर देती हैं। उसके विचार, उसकी बातें और उसके साथ बिताए क्षण मन को ऐसी मधुरता से भर देते हैं कि जीवन की कठिनाइयाँ भी सहज प्रतीत होने लगती हैं। प्रस्तुत मुक्तक इसी निर्मल, आत्मीय और मधुर अनुराग की अनुभूति का सजीव चित्र प्रस्तुत करता है।

मुक्तक

लगन जिससे लग जाए,

वहीं जीवन को किरण मिल जाए।

मुख में शहद-सी मिठास घुल जाए,

जब-जब उसकी बातें याद आएँ।

व्याख्या

कवि कहता है कि जब किसी व्यक्ति, विचार या उद्देश्य के प्रति सच्ची लगन उत्पन्न हो जाती है, तब वही लगन जीवन में आशा, ऊर्जा और प्रकाश का स्रोत बन जाती है। वह व्यक्ति अथवा उद्देश्य जीवन की अंधेरी राहों में किरण बनकर दिशा दिखाता है।

आगे कवि स्मृतियों की मधुरता का अत्यंत सुंदर बिंब प्रस्तुत करता है। प्रिय की बातें जब भी स्मरण में आती हैं, तब ऐसा अनुभव होता है मानो मुख में शहद-सी मिठास घुल गई हो। यह मिठास केवल शब्दों की नहीं, बल्कि उन भावनाओं की है जो आत्मा को तृप्त करती हैं। सच्चा अनुराग दूरी से कम नहीं होता; बल्कि स्मृतियों के माध्यम से वह और अधिक गहन तथा मधुर बन जाता है। यही कारण है कि प्रिय की यादें मन को प्रसन्नता, सुकून और आत्मिक आनंद से भर देती हैं।

निहित भाव

यह मुक्तक बताता है कि सच्चा अनुराग जीवन को प्रकाश, सकारात्मकता और मधुरता से भर देता है। जब किसी के प्रति प्रेम, सम्मान या समर्पण निष्कपट होता है, तब उसकी स्मृतियाँ भी मन के लिए संबल बन जाती हैं। वास्तविक संबंध वही हैं जिनकी याद आते ही मन में कटुता नहीं, बल्कि शहद-सी मिठास घुल जाए और जीवन में नई आशा की किरण जग उठे। यही अनुराग जीवन को भीतर से समृद्ध, संवेदनशील और आनंदमय बनाता है।

आल इन वन प्रस्तुति

रचनाकार



पाठ्य विस्तार और प्रस्तुति










Comments

Popular posts from this blog

हिंदी भाषा

सेवानिवृत्ति के बाद ऐसे जिएं - श्री संगीत शर्मा

रात भर एक करवट है माँ - विजया डालमिया (मदर्स डे पर विशेष)